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“वायु प्रदूषण: JNU प्रोफेसर ने भारत में एमिशन टैक्स लागू करने की जोरदार वकालत की”

Environment  •  👁 13 views  •  12 Jan 2026
 “वायु प्रदूषण: JNU प्रोफेसर ने भारत में एमिशन टैक्स लागू करने की जोरदार वकालत की”
भारत में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिससे स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों क्षेत्रों पर गहरा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर संगीता बंसल ने भारत में एमिशन टैक्स (उत्सर्जन कर) लागू करने की जोरदार वकालत की है। यह प्रस्ताव विशेष रूप से उन इलाकों के लिए है जहाँ वायु गुणवत्ता बेहद खराब है, जैसे कि इंडो-गैंगेटिक मैदानों में प्रदूषण का प्रभाव सबसे अधिक है।
प्रोफेसर बंसल ने अहमदाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित 7वें वार्षिक आर्थिक सम्मेलन में कहा कि भौगोलिक और टोपोग्राफिकल कारणों से उत्तरी भारत के मैदानों में वायु प्रदूषण “वैली इफेक्ट” के कारण फैलता नहीं है। इसके चलते हवा में घुला प्रदूषण नियंत्रण से बाहर हो जाता है और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।
उनका मानना है कि भारत में फिलहाल उत्सर्जन पर कोई टैक्स नहीं है, लेकिन भिन्न-भिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग एमिशन टैक्स लागू करने से उद्योगों और फैक्ट्रियों को कम प्रदूषण फैलाने वाली तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। प्रोफेसर बंसल ने सुझाव दिया कि अत्यधिक प्रदूषण सम्बंधित क्षेत्रों में टैक्स को अधिक रखना चाहिए, ताकि कंपनियां कम संवेदनशील इलाकों में निवेश और काम करना चुनें और कुल मिलाकर प्रदूषण में कमी आए।
उन्होंने यह भी कहा कि वायु प्रदूषण को केवल पर्यावरणीय समस्या के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि इसे स्वास्थ्य नीति का अहम हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य सम्बन्धी नुकसान और चिकित्सा खर्च भी बढ़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह तरह के टैक्स नीतियाँ भारत में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिये एक सकारात्मक कदम हो सकती हैं, खासकर उत्तरी नगरों जैसे दिल्ली-एनसीआर, जहाँ प्रदूषण स्तर अक्सर WHO मानकों से काफी ऊपर रहता है।
यह कदम सरकार, उद्योग और समुदाय के बीच सामंजस्यपूर्ण नीति निर्माण को आवश्यक बनाएगा ताकि वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव को कम किया जा सके और लोगों के स्वास्थ्य तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।